ऊँचा उठने को तैयार हो?

परमात्मा को स्वामी क्यों बोलते हैं? परमात्मा को स्वामी बोलना वास्तव में परमात्मा के विषय में कुछ नहीं बताता, क्योंकि परमात्मा को अपना स्वामित्व या प्रभुत्व दिखाने के लिए कोई दूसरा सामने है ही नहीं; परमात्मा जब है तो मात्र वही है, केवलीय अवस्था है। उसके अलावा दूसरा कोई नहीं है तो वो किस पर हुक्म चलाएगा भाई? वो स्वामी किसका? अद्वैत में कौन किसका स्वामी? इसी तरीके से अद्वैत में ज्ञान कहाँ? जब तक ज्ञान है तब तक कम-से-कम दो चाहिए: एक ज्ञाता, दूसरा…

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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