उपलब्धियाँ न प्राप्त कर पाने का दुःख

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, मेरे जीवन में कोई उपलब्धि नहीं है। बड़ा दुःख है, कैसे बाहर निकलूँ? मेहनत ख़ूब करी है लेकिन नतीजे नहीं मिले। पढ़ाई को भी पूरी ज़िंदगी बहुत महत्व दिया, लेकिन घर वालों ने हमेशा सुनाया ही है। फ़िलहाल मेरी उम्र 32 वर्ष की है।

आचार्य प्रशांत: तुम्हें तकलीफ़ ये है कि तुम्हारा जीवन उपलब्धियों से ख़ाली है, या ये है कि दूसरों के पास उपलब्धियाँ बहुत हैं? तत्काल जवाब मत देना, थोड़ा ग़ौर करना।…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org