ईश्वर प्राप्ति का अनुभव कैसा होता है?

ईश्वर प्राप्ति का कोई अनुभव नहीं होता। अनुभव तो सारे किसी अनुभव करने वाले को होंगे न, अनुभोक्ता को होंगे न? वो अनुभोक्ता अपना काम करता रहता है, वो प्राकृतिक अनुभोक्ता है।

जिसको तुम ‘मुक्ति’ या ‘मोक्ष’ कहते हो, उसके पूर्व भी, जो अनुभोक्ता है वो अनुभव करता रहता है। और उसके पश्चात भी, जो अनुभोक्ता है वो अनुभव करता रहता है।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org