इतनी शोहरत इतनी कमाई, फिर भी उदासी और तन्हाई

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, मेरा जन्म एक गरीब परिवार में हुआ। जब मैं सिर्फ आठ साल का ही था तो मेरे पिताजी की मृत्यु हो गई। बचपन से ही कोई भी दोस्ती नहीं करता था मुझसे। न मेरी शक्ल अच्छी न अक्ल, तो मैंने ऐसे काम करने शुरू किए जिससे लोग मुझसे आकर्षित हो सकें। कहीं से नाचना-गाना और कॉमेडी करना सीखा।

आज मैं एक सफल कोरियोग्राफर हूँ। मेरा एक यूट्यूब-चैनल भी है जिसमें तकरीबन आठ लाख से ऊपर…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org