इक ज़रा सी बात याद रखो

प्रश्नकर्ता: क्या याद रखना ज़रूरी है?

आचार्य प्रशांत: सब भूल जाइए, एकदम भूल जाइए।

जो न्यूनतम हो,

बस उसे याद रखिए।

बहुत सारा जो याद रखे हुए हैं, समझ लीजिए वो सब कुछ भूले हुए हैं।
जो जितना ज़्यादा याद रख रहा है, वो उतना ज़्यादा भूला हुआ है।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org