आरक्षण का सामना क्यों करना पड़ता है?

अब, अगर तुम वास्तव में जानना चाहते हो कि भारत का संविधान क्या कहता है, सारे प्रयास कर के उस तक जाओ। और ये कोई बहुत मोटा ग्रन्थ नहीं है। इतना सा, पतला सा है, भारत का संविधान। और जिन उल्लेखों की हम बात कर रहे हैं, जहाँ पर सारे अधिकार उल्लिखित हैं — वो मूल अधिकारों की बात कर रहा है — उल्लेख इक्कीस से शुरू होता है, और उल्लेख तीस या बत्तीस पर ख़त्म हो जाता है। सिर्फ दस उल्लेख पढ़ने हैं, और हर उल्लेख दो वाक्य है, बस। इससे ज्यादा नहीं…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org