आप बहुत गलत तरीके से जी रहे थे, अब आपको बता रही जिंदगी

ज़िंदगी की छोटी-से-छोटी स्थिति भी आपके सामने आती है तो अगर आपकी सुधरने की, सीखने की नीयत है तो उस स्थिति के बाद आप वैसे ही नहीं रह जाएंगे जैसे कि आप उस स्थिति के पहले थे। यह मैंने बात करी जीवन की किसी भी साधारण स्थिति की। अभी जो वैश्विक आपदा हमारे सामने है, वह तो निश्चित ही असाधारण है। जो लोग इस आपदा के बाद भी वैसे ही रह जाए जैसा वो इसके पहले थे, उन्होंने तो फिर ठान रखी है कि जीवन से कुछ सीखना ही…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org