अहंकार छोड़ने की हिम्मत कहाँ से पाएँ?

प्रश्नकर्ता: समस्या ये है कि आत्मा भी चाहिए और अहंकार छूटता नहीं।

आचार्य प्रशांत: ‘अहंकार’ को आत्मा चाहिए समस्या ये है। ‘अहंकार’ कहता है मुझे चाहिए। उसकी नियत में ख़राबी नहीं है उसे चाहिए पर वो कहता है कि ‘मुझे’ चाहिए। वो ये नहीं कहता मैं उसको मिल जाऊँ, वो कहता है वो मुझे मिल जाये।

नदी कहे “मैं सागर में मिल जाऊँ बात प्यारी है”, नदी को आकर्षण है सागर का। पर नदी कहती है मिलना…

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org