अहंकार का आखिरी दाँव क्या होता है?

प्रश्नकर्ता: एक और प्रश्न था कि माया अपना आखिरी दाँव खेलती है; अहंकार- वो कैसे पता चले?

आचार्य प्रशांत: दाँव कुछ नहीं होता उसका। आखिरी तो तब न जब किसी बिंदु पर आ करके उसको मिट जाना हो। आप सतर्क, सावधान रहिए जब तक देह हैं तब तक माया है। उसका कोई आखिरी दाँव नहीं होता। जब भी वो बोले — ‘आखिरी है’, समझ लीजिए कि अगला आ रहा है। आखिरी जैसा कुछ नहीं है वहाँ पर। ये भी हो सकता है कि जीवन भर किसी तरह आप बच गए और…

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

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