अहंकार और अनुशासन

प्रश्नकर्ता: अहंकार क्या है और अहंकार से छुटकारा कैसे मिलेगा?

आचार्य प्रशांत: जैसे कह रहे हो न, “मैं सवाल पूछ रहा हूँ मुझे उत्तर जानना है”, तो ये जो लगातार ‘मैं’ की भावना है इसको अहंकार कहते हैं। अहंकार का अर्थ होता है आइ, मैं। दिन रात जिसकी बात करते रहते हो वो अहंकार है। जो पूछे वो अंहकार, जो सुने वो अहंकार, जो स्वीकार करे वो अहंकार, जो अस्वीकार करे वो अहंकार।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org