अलग-अलग धर्म क्यों हैं?

प्रश्नकर्ता: सर, हर धर्म में ये जो अलग-अलग पैटर्न्स बनाये हुए हैं कि पूजा करो, नमाज़ पढ़ो। इनका क्या मतलब है?

आचार्य प्रशांत: (ऊपर की ओर इशारा करते हुए) वो सूरज है।

हिबा ने यहाँ से देखा तो यह नीम का पेड़, नीम के पड़े के माध्बीयम से देखा। ठीक है?

सूरज बहुत तेज चमकता है इंसान की आँख में इतनी औकात नहीं होती कि सीधे उसको देख पाए । तो हिबा सूरज को कैसे देखा? नीम के पेड़ के नीचे से…

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

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