‘अप्प दीपो भव’ से क्या आशय है?

बुद्ध ने कई वचन कहे हैं लेकिन अहंकारियों को ये वचन बहुत भाता है क्योंकि गुरु के पास जाएँगे, तो वो साधना करवाएँगे, अहंकार को तोड़ेगा। इसलिए बुद्ध के वचन का दुरुपयोग करके अहंकार को बचाना चाहते हो।

यदि किसी गुरु को नहीं मानना, तो बुद्ध का वचन क्यों दोहरा रहे हो?
बुद्ध को तो तुमने गुरु बना ही लिया न!

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org