अन्याय और न्याय क्या हैं?

दो चीज़ें होती हैं अक्सर, जिन्हें हम अन्याय का नाम देते हैं।

एक तो यह कि अगर विभिन्नता है, तो अक्सर हम उसे अन्याय बोल देते हैं। विभिन्नता अन्याय नहीं है। किसी के पास कम है, किसी के पास ज़्यादा है, यह अन्याय नहीं है।

न्याय शब्द बड़ा अच्छा शब्द है। न्याय का मतलब ही सत्य होता है। न्याय का मतलब होता है — विशुद्ध प्रमाण, खरी बात। तो न्याय माने सत्य। न्याय तब मत कहो कि किसी के पास ज़्यादा पैसा है, किसी…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org