अध्यात्म है दोनों से आज़ादी

अध्यात्म दो सिरों में से किसी एक सिरे पर तम्बू गाड़ लेने का नाम नहीं है। अध्यात्म द्वैत के किसी एक सिरे पर तम्बू गाड़ लेने का नाम नहीं है।

अध्यात्म न दाएँ से आसक्त हो जाने का नाम है, और न बाएँ से।

अध्यात्म न बंद मुट्ठी का नाम है, और न ही खुली मुट्ठी का नाम है।

अध्यात्म का अर्थ है — बंद मुट्ठी से आज़ादी और खुली मुट्ठी से भी आज़ादी।

--

--

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org