अध्यात्म में भाषा का क्या महत्व है?

भाषा बड़े चमत्कार कर सकती है। जो शब्द तुम बोलते हो, वो तुम बोलते ही भर नहीं हो, सुनते भी हो। अपना ही कहा तुम सुनते भी हो। जैसे जानवर होते हैं न, जुगाली करते हैं — जुगाली का क्या मतलब होता है? जुगाली जानते हो न क्या होता है? क्या होता है? गाय-भैंसों का जानते हैं क्या होता है? पहले (चारा) अंदर जाता है, फिर जो अंदर का होता है वही बाहर आता है, पुनः अंदर जाता है। हमारा भी वैसा ही है। जो अंदर होता है, वही शब्द रूप में बाहर आता है, और…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org