अगर सभी बुद्ध जैसे हो गये तो इस दुनिया का क्या होगा?

श्रोता: सर, अगर सब लोग ही इस दुनिया में बुद्ध के जैसे हो गए तो फिर ये दुनिया कैसे चलेगी?

वक्ता: कौन सी दुनिया? ‘इसके’ अलावा कोई दुनिया जानते हो? ये सब चलना बंद हो जाएगा जो अभी चल रहा है। ये बात कितनी खौफनाक लग रही है कि — रोज़ सुबह मुझे कोई तंग नहीं करेगा, रोज़ रात कोई मुझपर हावी नहीं होगा, रोज़ मेरा खून नहीं चूसा जाएगा, मेरा चेहरा लटका हुआ नहीं रहेगा — कितनी भयानक बात है न! हे भगवान! ये दुनिया चलनी बंद हो जाएगी।

(सभी हँसते हैं)

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org