अगर घर में सब सुविधा है, तो भी क्या महिला का कमाना ज़रूरी है?

जीवन के कुछ सिद्धांत होते है और वो सिद्धांत अटूट होते हैं, सब पर लागू होते है। मन का, जीवन का एक सिद्धांत होता है कि जीवन मुक्त व्यक्ति को छोड़ करके कोई भी किसी के लिए भी निस्वार्थ भाव से कुछ नहीं कर सकता। जब तक किसी में अहम् कायम है, वो उस अहम् की पूर्ति के लिए ही करेगा, जो कुछ करेगा। जब तक किसी में अहम् है, उसमें कर्ताभाव भी होगा, तो उसका एक-एक कर्म बस कर्ता के स्वार्थों की पूर्ति के…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org